अमेरिकी कंपनी को मिली MH370 विमान की क्रैश साइट : कंपनी ने हिंद महासागर में खोज की इजाजत मांगी; 9 साल से लापता 239 पैसेंजर्स

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स्वदेशी टाइम्स : 2014 में गायब हुए मलेशिया के विमान MH370 की गुत्थी कुछ दिनों में सुलझ सकती है। अमेरिका के टेक्सास राज्य की एक कंपनी ओशन इनफिनिटी ने दावा किया है कि उनके पास उस जगह की लोकेशन है, जहां MH370 विमान क्रैश हुआ था। कंपनी ने मलेशियाई सरकार के सामने हिंद महासागर में नए सिरे से खोज शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने सरकार के सामने नो क्योर, नो फी का प्रस्ताव रखा है। यानी सरकार तभी कंपनी को उसकी सर्विस के लिए पैसे दे जब उन्हें कोई सकारात्मक परिणाम मिले। कंपनी के CEO ऑलिवर प्लंकेट ने कहा- MH370 को ढूंढना हमारी प्राथमिकता है, ताकि फ्लाइट में मौजूद रहे 239 पैसेंजर्स के परिजनों को कुछ राहत मिल सके।

बता दें कि ओशन इनफिनिटी ने इससे पहले साल 2018 में भी हिंद महासागर में खोज अभियान चलाया था। हालांकि, तब उन्हें कोई सफलता नहीं मिली थी। इससे पहले दिसंबर में कुछ एक्सपर्ट्स ने दावा किया था कि अगर अब विमान की खोज शुरू की जाए, तो विमान कुछ ही दिनों में मिल सकता है।

तस्वीर सीबेड कंस्ट्रक्टर नाम के जहाज की है, जिसे साल 2018 में MH370 विमान को ढूंढने के लिए ऑस्ट्रेलिया के पास तैनात किया गया था।
तस्वीर सीबेड कंस्ट्रक्टर नाम के जहाज की है, जिसे साल 2018 में MH370 विमान को ढूंढने के लिए ऑस्ट्रेलिया के पास तैनात किया गया था।

एक्सपर्ट्स ने किया दावा- जल्द मिल सकता है MH370 विमान
सितंबर में ब्रिटेन की रॉयल एरोनॉटिकल सोसाइटी में एरोस्पेस एक्सपर्ट जीन-लुक मरचंद और पायलट पैट्रिक ब्लेली ने रिसर्च के बाद उस नए क्षेत्र की जानकारी दी थी, जहां प्लेन के गायब होने की आशंका है। उन्होंने कहा था कि इस इलाके में 10 दिन के अंदर छानबीन पूरी की जा सकती है।

एक्सपर्ट के मुताबिक- जिसने भी प्लेन हाईजैक किया वो बेहद अनुभवी था। उसने पूरी प्लानिंग के साथ इसे अंजाम दिया। प्लेन के केबिन में दबाव को खत्म कर दिया गया, ताकि मलबा ज्यादा न हो और इसे ढूंढा न जा सके।

एक्सपर्ट्स ने ये भी कहा कि जिसने भी इस पूरे मामले को अंजाम दिया, उसे पता था कि अगर विमान के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो ये फ्लाइट के तय रूट पर ही होगा। इसके लिए प्लेन के ट्रांसपॉन्डर को बंद करके उसके तय रूट से अलग हटकर यू-टर्न लिया गया होगा। इस दौरान फ्लाइट ऑटो-पायलट मोड पर नहीं रही होगी।

टेकऑफ के 38 मिनट बाद गायब हो गया था MH370
मलेशियाई एयरलाइंस का विमान MH370 8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए रवाना हुआ था। चीन के मीडिया साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, इसमें 239 पैसेंजर सवार थे। टेकऑफ के करीब 38 मिनट बाद फ्लाइट रडार से गायब हो गई थी।

विमान की तलाश में 26 देश के 18 शिप, 19 एयरक्राफ्ट और 6 हेलीकॉप्टर लगे हुए थे। महीनों तक सर्च ऑपरेशन्स चलाने के बाद 2017 में इस अभियान को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया। हालांकि 2019 में अमेरिकी कंपनी ओशन इनफिनिटी ने फिर से तलाशी अभियान शुरू करने का ऐलान किया था।

एक्सपर्ट का मानना ​​है कि उन्होंने दुनियाभर में रेडियो फ्रीक्वेंसी में हुई गड़बड़ी को ट्रैक करके विमान के अंतिम रास्ते का पता लगा लिया था। समुद्र के ऊपर विमान के रास्ते में हैरतअंगेज पैटर्न पाए गए। ऐसा तब होता है जब पायलट जानबूझकर एयरक्राफ्ट के इंजन को बंद कर दे।

तस्वीर कुआला लंपुर के एयरपोर्ट की है, जहां आखिरी बार 8 मार्च 2014 को टेकऑफ से पहले MH370 विमान की जानकारी डिस्प्ले हुई थी।
तस्वीर कुआला लंपुर के एयरपोर्ट की है, जहां आखिरी बार 8 मार्च 2014 को टेकऑफ से पहले MH370 विमान की जानकारी डिस्प्ले हुई थी।

फ्लाइट का ट्रांसपॉन्डर बंद किया गया था
विमान का रास्ता सीधा था, तो हो सकता है कि पायलट जहारी अहमद शाह ने उसे ऑटो-पायलट मोड पर रखा हो। इस दौरान ये भी दावा किया गया था कि विमान का संपर्क खुद नहीं टूटा था, बल्कि इसे तोड़ा गया था। फ्लाइट संख्या MH 370 ने रात 12 बजकर 41 मिनट पर कुआला लंपुर से उड़ान भरी थी। ठीक 38 मिनट बाद विमान का ट्रांसपॉन्डर ऑफ हो गया।

ATC उसी ट्रांसपॉन्डर के जरिए विमान और उसके रूट को जमीन से कंट्रोल करती है। जिस किसी ने भी विमान का ट्रांसपॉन्डर बंद किया वो जानता था कि ट्रांसपॉन्डर के बंद होते ही विमान रडार की नजरों से गायब हो जाएगा।

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