भारत से दोस्ती करने को बेचैन तुर्की का सबसे बड़ा दुश्मन, आर्मेनिया और साइप्रस भी साथ

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एथेंस: भारत की बढ़ती ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। आज सिर्फ अमेरिया या रूस ही नहीं, बल्कि दुनिया के अधिकतर देश भारत के साथ दोस्ती की चाहत लिए बैठे हुए हैं। इसमें यूरोप का ऐतिहासिक देश ग्रीस भी शामिल है। ग्रीस की अपने पड़ोसी तुर्की के साथ पुरानी दुश्मनी है। दो साल पहले दोनों देश भूमध्य सागर में द्वीपों को लेकर युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे। ऐसे में ग्रीस को भारत के रूप में एक ताकतवर दोस्त दिख रहा है। भारत को भी मध्य पूर्व और यूरोप में ग्रीस जैसे दोस्त की जरूरत है, जो पाकिस्तान के दोस्त तुर्की को काबू में रख सके। यही कारण है कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीस की यात्रा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग की नींव डाली।

ग्रीस के रक्षा मंत्री ने क्या कहा

ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलाओस डेंडियास ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, “हमने आर्मेनिया, ग्रीस और साइप्रस के बीच सफल त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग स्थापित किया है। हालांकि, फ्रांस और भारत के साथ अन्य त्रिपक्षीय या चतुर्भुज संबंध भी हो सकते हैं, जो महत्वपूर्ण देश, महत्वपूर्ण शक्तियां और आर्मेनिया और ग्रीस के बहुत प्रभावशाली आम सहयोगी हैं।” उन्होंने यह बात अर्मेनियाई रक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद कही।

ग्रीस का कट्टर दुश्मन है तुर्की

तुर्की और ग्रीस में भूमध्य सागर को लेकर पुरानी दुश्मनी है। ग्रीस के द्वीप तुर्की की मुख्य भूमि के पास तक स्थित हैं। तुर्की का दावा है कि ये द्वीप उसका हिस्सा हैं। ये इलाके प्राकृतिक संसाधनों से भी भरे हुए हैं। ऐसे में तुर्की की नजर ग्रीस के इन द्वीपों पर कब्जा करने की है। कई बार तुर्की के लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों ने ग्रीस के इन द्वीपों पर कब्जा करने की नाकाम कोशिश भी की है। दो साल पहले तो दोनों देश युद्ध के करीब पहुंच गए थे, लेकिन फ्रांस के दखल देने के बाद तुर्की को अपने कदम पीछे खींचने पड़े थे।

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