Bageshwar में बारिश के बीच डामरीकरण पर बवाल, लोनिवि ने जेसीबी से उखाड़ी सड़क की परत
स्वदेशी टाइम्स , बागेश्वर : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कांडा–रावतसेरा–बांसपटान मोटर मार्ग पर भारी बारिश के दौरान डामरीकरण किए जाने का मामला सामने आया है। निर्माण कार्य का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों ने विरोध जताया और सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। मामले के तूल पकड़ने के बाद लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने कार्रवाई करते हुए पहले किए गए डामरीकरण को जेसीबी की मदद से उखाड़ना शुरू कर दिया है।
बारिश के बीच सड़क निर्माण पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, कांडा–रावतसेरा–बांसपटान मोटर मार्ग पर मौसम अनुकूल नहीं होने के बावजूद डामरीकरण का काम किया जा रहा था। इसका वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य के निर्धारित मानकों का पालन किए जाने और सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में सरकारी धन खर्च होता है, इसलिए काम तय मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उनका सवाल है कि जब बारिश के बीच डामरीकरण किया जा रहा था, तो इसकी अनुमति किस स्तर से दी गई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किसने की।
जेसीबी से हटाया जा रहा डामरीकरण
विरोध के बाद लोक निर्माण विभाग ने शनिवार को सड़क पर पहले किए गए डामरीकरण को जेसीबी से हटाने की कार्रवाई शुरू की। विभाग की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग उठाई है।
लोगों का सवाल है कि यदि डामरीकरण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया था, तो उसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने की मांग की है।
सरकारी धन और सड़क की गुणवत्ता का मुद्दा
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का विरोध करना उनका उद्देश्य नहीं है, बल्कि वे सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से चाहते हैं। उनका मानना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही होने से सरकारी धन की बर्बादी हो सकती है और सड़क की टिकाऊ क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
लोगों ने संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सड़क निर्माण से पहले मौसम की स्थिति, तकनीकी मानकों और सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। साथ ही, निर्माण कार्य की नियमित निगरानी भी की जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
संबंधित ठेकेदार को दिए गए सख्त निर्देश
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता मो. अहमद के मुताबिक, भारी बारिश के दौरान किए गए डामरीकरण के मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए गए हैं और मानकों के विपरीत किए गए डामरीकरण को जेसीबी से हटाया जा रहा है।
मो. अहमद ने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जांच और जवाबदेही की मांग
कांडा–रावतसेरा–बांसपटान मोटर मार्ग पर डामरीकरण का यह मामला सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि लोक निर्माण विभाग आगे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।