IIT मद्रास जिसने बदली हज़ारों की किस्मत, 10,000 छात्र, करोड़ों के पैकेज और एक शानदार शुरुआत
प्रयाग भारत, मद्रास; भारत के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स में से एक आईआईटी मद्रास (IIT Madras)आज चर्चा में है.असल में यह इंस्टीट्यूट 66 साल का हो गया और आज यानी 11 जुलाई 2025 को इसका 62वां कन्वोकेशन भी हो रहा है.तो आइए आपको बताते हैं इस IIT की पूरी कहानी
कब और कैसे बना आईआईटी मद्रास?
IIT Madras की शुरुआत साल 1959 में हुई.ये तब शुरू हुआ जब भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू 1956 में जर्मनी गए. जर्मन सरकार ने भारत को टेक्निकल एजुकेशन के लिए मदद का ऑफर दिया. इसके बाद 1959 में भारत-जर्मनी समझौते से चेन्नई (तब मद्रास)में इसका जन्म हुआ.2 जुलाई 1959 को प्रो. हुमायूं कबीर ने इसे औपचारिक रूप से शुरू किया. इसे संसद से Institute of National Importance का दर्जा 1961 में मिला.जर्मन प्रोफेसर्स ने पढ़ाई और लैब सेटअप में मदद की. पहला बैच 120 स्टूडेंट्स का था जो जुलाई 1959 में एडमिट हुए. 1964 में पहला कन्वोकेशन हुआ जिसमें राष्ट्रपति डॉ.एस.राधाकृष्णन ने डिग्रियां दीं.
कितने साल का हो गया IIT Madras?
आज यानी 11 जुलाई 2025 को IIT Madras 66 साल का हो चुका है.1959 से शुरू होकर ये भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित IITs में से एक बन गया. 2009 में 50 साल पूरे हुए और 2019 में डायमंड जुबली मनाई गई.
2 बिल्डिंग्स से शुरू हुआ IIT मद्रास
IIT Madras की शुरुआत में सिर्फ 2 बिल्डिंग्स और 20 कमरों से हुई थी. यह कैंपस 250 हेक्टेयर के जंगल में बनाया गया जो आज भी हरा-भरा है.इसके निर्माण का काम जर्मन और भारतीय इंजीनियर्स ने मिलकर किया.इसके निर्माण में जर्मन टेक्नोलॉजी और डिजाइन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें मजबूत कंक्रीट और मॉडर्न आर्किटेक्चर शामिल था.तब 1959 में जब इसकी शुरुआत हुई तो लैब,क्लासरूम और हॉस्टल बनाने पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए. बाद में धीरे-धीरे कैंपस को बढ़ाया गया जिसमें आज 21 हॉस्टल्स और ढेर सारी सुविधाएं हैं.
अभी कितने स्टूडेंट्स हैं?
अब IIT Madras में करीब 10,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं,जिनमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च स्कॉलर्स शामिल हैं. IIT मद्रास में वर्तमान में लगभग 2,105 अंडरग्रेजुएट छात्र, 4,112 पोस्टग्रेजुएट छात्र, 746 एमएस रिसर्च स्कॉलर, और 2,963 पीएचडी स्कॉलर पढ़ रहे हैं. कैंपस में 21 हॉस्टल्स हैं जिसमें 6 हॉस्टल लड़कियों के लिए हैं. ऑनलाइन कोर्सेस की वजह से 17 से 81 साल तक के लोग पढ़ रहे हैं.
कौन-कौन से कोर्स हैं और उनकी फीस?
IIT Madras में ढेर सारे कोर्स हैं जो हर तरह के स्टूडेंट्स के लिए हैं. साथ ही फीस भी अलग-अलग लेवल के हिसाब से है.
अंडरग्रेजुएट कोर्सेज (UG):
B.Tech (4 साल): कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, सिविल आदि में बीटेक कराया जाता है. इसके लिए 4 साल में कुल फीस करीब 9.39 लाख रुपये लगते हैं.
BS (4 साल): डेटा साइंस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स में ग्रेजुएशन कराया जाता है.जिसकी फीस करीब 3.51 लाख रुपये लगती है.
B.Tech + M.Tech (5 साल): यह ड्यूल डिग्री कोर्स है. इसकी फीस करीब 9.39 लाख रुपये है.
ऑनलाइन BS डिग्री:इस कोर्स को घर बैठे भी किया जा सकता है.इसकी फीस 3.51 लाख रुपये लगती है.
B.Tech (4 साल): कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, सिविल आदि में बीटेक कराया जाता है. इसके लिए 4 साल में कुल फीस करीब 9.39 लाख रुपये लगते हैं.
BS (4 साल): डेटा साइंस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स में ग्रेजुएशन कराया जाता है.जिसकी फीस करीब 3.51 लाख रुपये लगती है.
B.Tech + M.Tech (5 साल): यह ड्यूल डिग्री कोर्स है. इसकी फीस करीब 9.39 लाख रुपये है.
ऑनलाइन BS डिग्री:इस कोर्स को घर बैठे भी किया जा सकता है.इसकी फीस 3.51 लाख रुपये लगती है.
पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज (PG):
M.Tech (2 साल): इलेक्ट्रिक व्हीकल्स,एयरोस्पेस में एमटेक कराया जाता है. इसकी फीस करीब 1.82 लाख रुपये लगती है.
MSc: साइंस सब्जेक्ट्स में यहां से एमएससी होता है.इसकी फीस करीब 1.82 लाख रुपये लगती है.
MBA: यहां से एमबीए का कोर्स भी होता है जिसकी 2 साल की फीस करीब 12.69 लाख रुपये लगती है.
MA: यहां से ह्यूमैनिटीज में एमए कराया जाता है.जिसकी फीस करीब 1-2 लाख रुपये लगती है.
M.Tech (2 साल): इलेक्ट्रिक व्हीकल्स,एयरोस्पेस में एमटेक कराया जाता है. इसकी फीस करीब 1.82 लाख रुपये लगती है.
MSc: साइंस सब्जेक्ट्स में यहां से एमएससी होता है.इसकी फीस करीब 1.82 लाख रुपये लगती है.
MBA: यहां से एमबीए का कोर्स भी होता है जिसकी 2 साल की फीस करीब 12.69 लाख रुपये लगती है.
MA: यहां से ह्यूमैनिटीज में एमए कराया जाता है.जिसकी फीस करीब 1-2 लाख रुपये लगती है.
रिसर्च कोर्सेज:
– PhD: यहां से पीएचडी भी कराई जाती है.पीएचडी की फीस करीब 1.45 लाख रुपये (कुल 3 साल)तक लगती है.
ऑनलाइन डिप्लोमा: प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस में ऑनलाइन कोर्सेज होते हैं.इसकी फीस करीब 1.25 लाख रुपये (कुल)लगती है.
– PhD: यहां से पीएचडी भी कराई जाती है.पीएचडी की फीस करीब 1.45 लाख रुपये (कुल 3 साल)तक लगती है.
ऑनलाइन डिप्लोमा: प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस में ऑनलाइन कोर्सेज होते हैं.इसकी फीस करीब 1.25 लाख रुपये (कुल)लगती है.
ये कोर्सेज JEE Advanced, GATE, CAT जैसे एग्जाम्स से मिलते हैं. ऑनलाइन प्रोग्राम्स में 12वीं पास कोई भी एडमिशन ले सकता है. फीस में हॉस्टल और मेस चार्जेस अलग से जोड़ने पड़ सकते हैं, जो करीब 20,000-25,000 रुपये सालाना हैं.
कितने की नौकरी मिलती है?
आईआईटी मद्रास से अब तक का सबसे बड़ा पैकेज ₹4.3 करोड़ सलाना का मिला है.इस साल जैने स्ट्रीट (Jane Street)ने एक स्टूडेंट को अपनी क्वांटिटेटिव ट्रेडर भूमिका के लिए ऑफर किया, जिसमें बेस सैलरी, बोनस और रेलोकेशन बेनेफिट्स शामिल हैं.2023 के प्लेसमेंट सीजन की बात करें तो पिछले साल एक B.Tech/Dual Degree सीनियर छात्र को ₹1.31 करोड़ का पैकेज मिला.आईआईटी मद्रास का औसत (Average)पैकेज लगभग ₹22 लाख प्रति और मीडियन (Median) पैकेज करीब ₹19.6 लाख रहता है
क्या खास है IIT Madras में?
IIT Madras इनोवेशन और स्टार्टअप्स का हब है.यहां 450 से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं जिनकी वैल्यू 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. 250 हेक्टेयर में फैले कैंपस में 550 फैकल्टी और 1,250 स्टाफ हैं. ये NIRF में नंबर 1 और QS रैंकिंग में टॉप पर है.IIT Madras की 66 साल की जर्नी शानदार है. 10,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स को ढेर सारे कोर्सेज और फीस ऑप्शंस मिल रहे हैं। अगर आप टेक्नोलॉजी की दुनिया में नाम कमाना चाहते हैं, तो IIT Madras आपका सपना पूरा कर सकता है.
