इसके बाद शटर बंद करने की कोशिश की गई, जिससे पीड़ित को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ। किसी तरह वह वहां से जान बचाकर भाग निकला, लेकिन बाहर सड़क पर भी आरोपियों ने उसे लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान जब उसका भतीजा कमलेश बचाने पहुंचा, तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि जब वह थाने शिकायत दर्ज कराने जा रहा था, तो आरोपियों ने रास्ते में उसका घेराव कर उसे रोकने की कोशिश की।
किसी तरह वह थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी। वहीं, वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि मझगई पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में भी हीलाहवाली की है। प्रभारी निरीक्षक राजू राव का कहना है कि दोनों आरोपी पिता-पुत्र पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है और वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में पिता-पुत्र द्वारा मिलकर उसकी पिटाई किए जाने के दृश्य साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी खुद को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का पदाधिकारी बताकर क्षेत्र में लोगों को डराते-धमकाते हैं और सत्ता की धौंस दिखाकर आए दिन ग्रामीणों को परेशान करते हैं।